चीन ने किया साबित , कर रहा है दुनिया की ये शानदार लग्जरी कारों की नक़ल…

देश में एक से बढ़कर एक आटोमोबाइल कंपनी ने लग्जरी कार लांच की हैं. बतादें की चीन भी अब इंडिया की लग्जरी कारों की नक़ल कर रहा हैं।देखा जाये तो चीन ने ये साबित कर दिया हैं।
 

 
 
खबरों क मुताबिक हाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत आए थे। उनके साथ उनकी खास कारों का काफिला भी आया था। महाबलीपुरम प्रवास के दौरान जिनपिंग की कार होंग्की एल-5 काफी चर्चा में आई थी।
आज का पंचांग, 18 अक्टूबर 2019, दिन- शुक्रवार
लेकिन आपको यह जानकर हैरत होगी कि चीन की यह लिमोजिन असल में टोयोटा की सेंचुरी लिमो की हूबहू नकल है। ऐसा नहीं है कि चीन ने अकेले इसी कार की कॉपी की हो। दुनिया की तमाम शानदार लग्जरी कारों को चीन ने अपने देश में अलग नाम के साथ बनाया है।
2009 में चीन की जीली जीई (बाद में नाम एमग्रांड जीई) ने एलान किया था कि क्लासिक कार को फिर से पुनर्जीवित करने की तैयारी कर रही है। लेकिन जब यह कार लोगों के सामने आई थी, तो वह दिखने में रॉल्स रॉयस फैंटम से काफी मिलती-जुलती थी। कंपनी ने इस कार को शंघाई मोटर शो में पेश किया था। कंपनी ने इस कार की कीमत 44,000 हजार डॉलर रखी। हालांकि नई फैंटम की कीमत उस दौरान साढ़े तीन लाख डॉलर थी।

दरअसल मर्सिडीज बेंज की यह कार एक वक्त में काफी पॉपुलर रही थी। वहीं चीन ने भी ऐसी मिलती-जुलती कार बना कर पेश कर दी। चीन की इस कार नाम था BYD S8, जो चीन की पहली हार्डटॉप कनवर्टिबल कार थी। इस कार का अगला हिस्सा जहां मर्सिडीज बेंज CLK  से मिलता जुलता था, तो पिछला हिस्सा रेनो मेगाने सीसी की कॉपी था। कंपनी ने इस कार की कीमत 22 हजार डॉलर रखी थी।

बाद में कंपनी ने इसका नाम F8 रख दिया।चीनी कंपनी की इस कार को देख कर आपकी पहली नजरों में मर्सिडीज जीएलए का अहसास होगा। लेकिन यह असल में के-वन है। इसकी शेप, हेडलाइट्स और रेडिएटर ग्रिल जीएलए से मिलता जुलता है। हालांकि जीएलए के मुकाबले के-वन साइज में छोटी है। वहीं के-वन इलेक्ट्रिक कार है और इसकी मोटर 128 हॉर्सपावर की ताकत पैदा करती है।

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