जब अस्पताल में दवा की जगह कफ़न रखे है, डॉक्टर नहीं है तो बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली क्यों नहीं ले जाते?

पटना: ‘क्या डबल इंजन सरकार के दोनों जुगाड़ू इंजनों में बीमार बच्चों को इलाज के लिए पटना तक लाने का माद्दा नहीं है?’ बिहार की पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि नीतीश कुमार तब भी चुप थे, जब मुजफ्फरपुर में सत्‍ता के संरक्षण में बलात्‍कार किया गया और आज भी चुप है जब सरकार की लापरवाही से बच्‍चें असमय मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं. राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार से पूछा है कि सरकार बताए 14 वर्ष में कितने बच्चें इनकी लापरवाही, भ्रष्टाचार और कुव्यवस्था की भेंट चढ़े है? 500 करोड़ के सुशासनी विज्ञापन देने से अच्छा होता अगर दवा और बेड का इंतज़ाम करते.

इससे पहले 18 जून को पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार और प्रधानमंत्री से सवाल किया था कि क्या 14 वर्ष से राज कर रहे मुख्यमंत्री की हज़ारों बच्चों की मौत पर कोई जवाबदेही नहीं? कहां है ग़रीबों के लिए 5 लाख तक के मुफ़्त इलाज की प्रधानमंत्री की आयुष्मान योजना? राबड़ी देवी का कहना है कि वह इस नाज़ुक समय में राजनीति नहीं करना चाहती लेकिन ग़रीब बच्चों का समुचित इलाज करना सरकार का धर्म और दायित्व है.

मुजफ्फरपुर से 70 किलोमीटर की दूरी पर राज्‍य की राजधानी पटना से बिहार के मुख्‍यमंत्री को आने में 17 दिन लग गए. इस बीच बच्‍चों की मौत होती रही लेकिन मुख्‍यमंत्री या किसी भी मंत्री की ओर से कोई बयान नहीं आया. यहां तक कि केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के दौरे के बाद नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज का दौरा किया लेकिन प्रेस से बात करना मुनासिब नहीं समझा. पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा, ”मुख्यमंत्री जी सदा की तरह मौन है. मुज़फ़्फ़रपुर में 40 बच्चियों के साथ सत्ता संरक्षण में जनबलात्कार किया गया तब भी मौन थे. मुज़फ़्फ़रपुर में ही भाजपाई नेता द्वारा 30 मासूमों को कार से कुचला तब भी मौन और हर वर्ष की भांति फिर हज़ारों बच्चों की चमकी बुखार से मौत पर भी चुप.”

राबड़ी देवी बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री पर तंज कसने से भी नहीं चूकिं. अपने ट्वीट में राबड़ी देवी ने लिखा कि… केंद्र और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री कुतर्क गढ़ रहे है. एक कहता है मैं मंत्री हूं, डॉक्टर नहीं. मरते बच्चे क़िस्मत का खेल है. और फिर उसी क़िस्मत को लात मार बिस्कुट खाते बेशर्मी से मैच का स्कोर पूछता है. एक प्रेस मीटिंग में ही सो रहे है. लीची को दोषी बताते है. भगवान की आपदा बताते है.

बिहार में बीजेपी के साथ गठबंधन की सरकार है और केंद्र में बीजेपी की सरकार है. चुनावी सभा में पीएम मोदी ने भी कहा था कि डबल इंजन की सरकार होती तो राज्‍य की जनता को डबल फायदे होंगे. इसी पर तंज कसते हुए राबड़ी देवी ने कहा, ”बिहार में डबल इंजन की सरकार है. इतनी मौतों के बाद अब केंद्र और प्रदेश के मंत्री क्या नृत्य करने चार्टर फ़्लाइट्स से मुज़फ़्फ़रपुर जा रहे है? जब अस्पताल के दवाखानों में दवा की जगह कफ़न रखे है, डॉक्टर नहीं है तो क्यों नहीं बीमार बच्चों को Air-Ambulance से दिल्ली ले जाते?

पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी ने ट्वीटर पेज पर लिखा है कि… 14 बरस से ई लोग बिहार में राज कर रहा है. हर साल बीमारी से हज़ारों बच्चे मरते है लेकिन बताते सैंकड़ों है. फिर भी रोकथाम का कोई उपाय नहीं, समुचित टीकाकरण नहीं. दवा और इलाज का सारा बजट ईमानदार सुशासनी घोटालों की भेंट चढ़ जाता है. बिहार का बीमार स्वास्थ्य विभाग ख़ुद ICU में है.

राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में चमकी बुखार के बहाने मासूम बच्‍चों की हत्‍या की गई. एनडीए सरकार की घोर लापरवाही, कुव्‍यवस्‍था, असंवेदनशील और अमानवीय अप्रोच से इन बच्‍चों की हत्‍या की गई.

बता दें, बिहार के मुजफ्फरपुर में अभी तमाम दौरों, घोषणाओं के बाद भी बच्‍चों की मौत का सिलसिला जारी है. देश के केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री, बिहार के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और बिहार के मुख्‍यमंत्री मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज का दौरा कर चुके हैं. वहां की स्‍थ‍िति को संभालने की कोशिश की जा रही है. मुजफ्फरपुर में  हालात से निटने को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने डॉक्टरों की 5 टीम भेजने के निर्देश दिये हैं. इसमें 10 बच्चों के डॉक्टर और 5 सहायक होंगे. बच्चों के डॉक्टर्स में 5 सीनियर कंसलटेंट भी शामिल हैं.  वहीं सहायक के तौर पर राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग और लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल के लोग मुजफ्फरपुर जाएंगे. 

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