पहलू खान मामले में गहलोत सरकार गंभीर, दोबारा दिए केस की जांच के आदेश

जयपुर: पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले को लेकर राजस्थान सरकार बेहद संवेदनशील है. निचली अदालत द्वारा मामले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद प्रदेश सरकार ने गृह विभाग को मामले को एग्जामिन करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मामले को एक बार फिर से शुरू से इंवेस्टिगेट किया जा रहा है. इसके अलावा यह पता लगाने की भी कोशिश की जा रही है कि इस मामले की पैरवी में कहां लापरवाही की गई है. 

यहां आपको बता दें कि सरकार इस मामले में पहले ही कोर्ट के खिलाफ अपील करने का निर्णय ले चुकी है. जिसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ट्विटर पर एक ट्वीट भी किया था. अपने इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, हमारी सरकार ने मॉब लिंचिंग के खिलाफ अगस्त 2019 के पहले सप्ताह में कानून लागू किया है. हम पहलू खान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. राज्य सरकार, एडीजे कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी.

वहीं शुक्रवार को प्रियंका गांधी ने भी ट्वीट करते हुए कोर्ट के फैसले को चौंकाने वाला बताया. प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, पहलू खान की हत्‍या के मामले में लोअर कोर्ट का फैसला चौंकाने वाला है. उन्‍होंने कहा कि हमारे देश में अमानवीयता की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. भीड़ द्वारा हत्‍या करना एक जघन्‍य अपराध है. उन्होंने आगे लिखा, राजस्‍थान सरकार की ओर से भीड़ द्वारा हत्‍या करने के खिलाफ कानून बनाने की पहल सराहनीय है. आशा है कि पहलू खान मामले में न्‍याय दिलाकर इसका अच्‍छा उदाहरण पेश किया जाएगा.

बता दें, 14 अगस्‍त को इस मामले में फैसला सामने आया था. जिसमें कोर्ट द्वारा सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया गया. यह फैसला जस्टिस डॉ. सरिता स्वामी ने सुनाया था. अलवर में करीब दो वर्ष पूर्व गो तस्करी के मामले में हुई पहलू खान की हत्या के बाद देश, दुनिया में यह मामला सुर्ख़ियों में रहा था. इस मामले में दो बाल अपराधियों सहित कुल 9 को आरोपी बनाया गया था. न्यायालय में अभियोजन पक्ष से 44 लोगों के बयान करवाए गए थी. तीन अन्य नाबालिग अपराधियों का मामला किशोर न्यायालय में चल रहा है. 

हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में जो वीडियो पेश किया, उसे कोर्ट ने पुख्ता सबूत नहीं माना था. जिसके बाद कोर्ट ने विपिन यादव, रविंद्र कुमार, कालूराम, दयानंद, भीम राठी और योगेश को किया बरी कर दिया था. वकील हेमचंद्र शर्मा ने बताया कि अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए सभी को बरी किया है.

यह है पूरा मामला

राजस्‍थान के अलवर के बहरोड़ में एक अप्रैल 2017 को हरियाणा के जयसिंहपुरा निवासी पहलू खान अपने बेटों और भतीजों के साथ दो गाड़ियों में जयपुर के हटवाड़ा से गायों को लेकर अपने गांव जा रहा था. रास्ते में बहरोड़ में भीड़ ने उन्हें रोककर गो तस्करी के शक में मारपीट की जिसमें पहलू खान गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

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