सावन के इन पंचकों में भूले से भी न करें ये कार्य, नहीं तो आ सकते है बहुत बड़े संकट में…

19 जुलाई, शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 58 मिनट से पंचक शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इन दिनों में यात्रादि करने की सख्त मनाही है और इन दिनों में लेन-देन व्यापार और किसी भी तरह के सौदे-समझौते नहीं करने चाहिये। मना किये गए कार्य करने से धनहानि, धोखा और चोरी होने की आशंका रहती है।

सावन माह के पवित्र मात्र में पंचक भी शुरू हो रहा है। 19 जुलाई, शुक्रवार को दोपहर 2 बजकर 58 मिनट से पंचक शुरू हो जाएगा यानि कि कोई भी शुभ कार्य इस दौरान नहीं किए जा सकेंगे।
यह पंचक 24 जुलाई दोपहर 3 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस बार शुक्रवार को पंचक पड़ रहे है। जिसके कारण इसे ‘चोर पंचक’ कहा जाएगा।
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इस दिन यात्रा करने की मनाही होती है। साथ ही इस दिनों में व्यापार लेन देन की भी मनाही होती है। अगर इस दिन मनाही वाले काम करते है तो आपको धन की हानि होती है।
पांच नक्षत्रों के मेल से बनने वाले योग को पंचक कहते हैं। यानि पांच दिनों तक जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से होकर गुज़रता है तो ये पंचक कहलाते हैं।
सावन के इन पंचकों में न करें ये काम
हिंदू धर्म में माना जाता है कि पंचक के दिनों में चारपाई बनवाना अच्छा नहीं होता है। अगर आपने इन दिनों में चारपाई बनवाया तो आपके ऊपर बहुत बड़ा संकट आ सकता है।
पंचक में यदि किसी की मृत्यु हो गई है तो उसके अंतिम संस्कार ठीक ढंग से न किया गया तो पंचक दोष लग सकते है। इसके बारें में विस्तार से गरुड पुराण में बताया गया है जिसके अनुसार अगर अंतिम संस्कार करना है तो किसी विद्वान पंडित से सलाह लेनी चाहिए और साथ में जब अंतिम संस्कार कर रहे हो तो शव के साथ आटे या कुश के बनाए हुए पांच पुतले बना कर अर्थी के साथ रखें। और इसके बाद शव की तरह ही इन पुतलों का भी अंतिम संस्कार विधि-विधान से करें।
माना जाता है कि जब अग्नि पंचक में जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घर या कही पर लकड़ी, घास या फिर जलाने वाली वस्तुएं नही एकत्र करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आग लगने का भय रहता है। माना जाता है कि अग्नि पंचक वाला दिन आग का होता है।
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राजमार्त्तण्ड ग्रंथ में माना गया है कि जब पंचक शुरू हो जब तक यह रहे तब तक किसी यात्रा में नही जाना चाहिए। अगर आप कही जा भी रहे है तो दक्षिण दिशा की ओर तो बिल्कुल भी न जाएं, क्योंकि दक्षिण दिशा को यम की दिशा माना जाता है। जिसके कारण आपका यात्रा करना दुर्घटना या कोई विपत्ति ला सकता है।
ज्योतिषों के अनुसार माना जाता है कि जब पंचक में रेवती नक्षत्र चल रहा हो तब कोई शुभ काम जैसे कि घर का निर्माण या फिर ग्रह प्रवेश नही करना चाहिए। अगर आपने ऐसा किया तो आपके घर में ग्रह क्लेश या फिर धन की हानि होगी।

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