PM Modi के भाई की बेटी से छीना पर्स, हजारों रुपये और अहम कागजात भी ले उड़े स्नैचर

नई दिल्ली,दिल्ली पुलिस (Delhi police) महिला सुरक्षा के लाख दावे करे, लेकिन देश की राजधानी दिल्ली में बदमाशों और चेन स्नैचरों के इरादे इस कदर बुलंद हैं कि पत्रकारों-नेताओं को भी अपना निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामले में दिल्ली के पॉश इलाके सिविल लाइंस में दमयंती बेन नाम की युवती से पर्स छीनने की घटना सामने आई है। दमयंती बेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime minister Narendra Modi) के भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी हैं। 

मिली जानकारी के मुताबिक, युवती दमयंती के साथ पर्स स्नैचिंग की घटना शनिवार सुबह सिविल लाइन्स इलाके में स्थित गुजरात समाज भवन के पास हुई। जिस जगह पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी दमयंती बेन के साथ पर्स छीने जाने का हादसा हुआ, वहां से कुछ ही कदमों की दूसरी पर दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल का घर है।  यही वजह है कि इस घटना के बाद से दिल्ली पुलिस मीडिया के साथ-साथ दिल्ली वालों के भी निशाने पर है।

पुलिस को नहीं दी अपनी ‘पीएम मोदी की भतीजी’ वाली पहचान

पति की मौजूदगी में दिल्ली में पर्स छीने जाने की शिकार पीड़िता ने पुलिस को अपना नाम दमयंती मोदी तो बताया, लेकिन यह जाहिर नहीं किया कि वह पीएम मोदी के भाई प्रह्लाद मोदी की बेटी हैं। यहा तक कि मामला दर्ज कराते समय भी पीएम मोदी से अपना रिलेशन छिपाए रखा। वहीं, मामला दर्ज होने के बाद पूरी जानकारी मीडिया के जरिये सामने आई। वहीं डीसीपी नॉर्थ मोनिका भारद्वाज ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने मामला  दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

हजारों रुपये और अहम कागजात भी उड़े स्नैचर

पीड़िता दमयंती बेन के मुताबिक, पर्स में तकरीबन 56,000 रुपये और दो मोबाइल फोन के अलावा अन्य जरूरी कागजात थे। पीड़िता के मुताबिक, शनिवार सुबह वह अमृतसर (पंजाब) से दिल्ली लौटी थीं। दिल्ली प्रवास के दौरान उनके ठहरने के लिए सिविल लाइन्स इलाके में स्थित गुजराती समाज भवन में कमरा बुक था। सुबह जैसे वह पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से ऑटो रिक्शा के जरिये गुजराती समाज भवन के सामने पहुंची अचानक स्कूटर सवार 2 बदमाश उनका पर्स छीनकर भाग खड़े गए। 

पीड़ित युवती दमयंती का कहना है कि उन्हें शनिवार शाम को अहमदाबाद के लिए फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन टिकट के साथ अन्य अहम दस्तावेज नहीं हैं। ऐसे में उनका जाना हो पाएगा या नहीं? यह भी कहना मुश्किल है।

वहीं, देश की हाईटेक पुलिस में शुमार दिल्ली पुलिस कटघरे में है,क्योंकि पिछले एक महीने के दौरान अपराध की ताबड़तोड़ घटनाएं हो रही हैं। पिछले 10 दिनों के दौरान दो महिला पत्रकारों के साथ चेन स्नैचिंग की घटना सामने आ चुकी है। 

गौरतलब है कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को निजामुद्दीन इलाके में लूटपाट की वारदात करने आए दो कुख्यात बदमाशों को स्पेशल सेल ने शुक्रवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी स्पेशल सेल संजीव कुमार यादव ने बताया कि गिरफ्तार किए बदमाशों के नाम अनिल उर्फ नरेंद्र व अरुण उर्फ तन्नी उर्फ तरुण है। अनिल जेजे कैंप, हरिजन बस्ती खानपुर का रहने वाला है। यह अंबेडकर नगर थाने का घोषित अपराधी है। इसके खिलाफ दिल्ली के विभिन्न थानों में 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अरुण, पुष्प विहार, सेक्टर 4 का रहने वाला है। अनिल के संपर्क में आने के बाद वह भी वारदात करने लगा। इसके खिलाफ आठ मामले दर्ज हैं।

11 अक्टूबर की पुलिस को सूचना मिली कि कुख्यात अनिल अपने साथी अरुण के साथ लूटपाट की वारदात करने निजामुद्दीन आने वाला है। 4.30 बजे एसीपी संजय दत्त, इंस्पेक्टर संजीव कुमार व मान सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब अपाचे से आ रहे दोनों बदमाशों को रुकने का इशारा किया तब उन्होंने पुलिसकर्मियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। सेल की टीम ने भी जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में बदमाशों की तरफ से 4 और पुलिस की तरफ से आठ गोलियां चली। पुलिस की ओर चलाई गई गोलियों में अनिल के पैर व हाथ में दो गोलियां लगी। कुख्यात अरुण के पैर में एक गोली लगी। दोनों बदमाशों से एक पिस्टल, एक कट्टा, चार कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। पूछताछ में दोनों ने दिल्ली के कई इलाकों में दो दर्जनभर लूटपाट और झपटमारी करने की बात कुबूल ली है।

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