UNHRC में PAK का कश्‍मीर पर 115 पेज की रिपोर्ट, 15 मिनट 49 सेकंड का झूठ

UNHRC में पाकिस्‍तान ने जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ 15 मिनट 49 सेकंड तक सिर्फ झूठ बोला

नई दिल्‍ली: पाकिस्‍तान ने संयुक्‍त राष्‍ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर भारत के खिलाफ 15 मिनट 49 सेकंड तक सिर्फ झूठ बोला. सिर्फ इतना ही कश्‍मीर पर 115 पेज की झूठी रिपोर्ट भी पेश की. उस रिपोर्ट में राहुल गांधी, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्‍दुल्‍ला के बयानों का भी जिक्र है. जेेनेवा में आयोजित परिषद के 42वें सत्र में पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारत ने कश्‍मीर पर गैर-कानूनी तरीके से कब्‍जा कर रखा है.

वहां मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है. पूरे कश्‍मीर को जेल बनाकर रख दिया गया है. यहां तक कि आपातकालीन मेडिकल सुविधाएं नहीं प्रदान की जा रही हैं. उन्‍होंने कई विदेशी मीडिया अखबारों की रिपोर्ट का उद्धरण भी दिया. उन्‍होंने ये भी कहा कि इन वजहों से कश्‍मीर का मुद्दा भारत का आंतरिक मसला नहीं है बल्कि ये अंतरराष्‍ट्रीय मसला है. हालांकि उसके बाद शाह महमूद कुरैशी ने पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्‍तान के रुख से इतर कश्‍मीर को ‘भारत का जम्‍मू और कश्‍मीर’ राज्‍य कहा. पाकिस्‍तान अब तक कश्‍मीर को ‘भारत अधिकृत कश्‍मीर’ बताता रहा है. 

इससे पहले पाकिस्‍तान ने कश्‍मीर पर 115 पन्‍ने की रिपोर्ट भी परिषद के सामने रखी. हालांकि उसको पाकिस्‍तानी मीडिया में पहले ही लीक कर दिया गया था. उसमें अपने दावे को मजबूत करने के लिए पाकिस्‍तान ने राहुल गांधी समेत भारत के कई बड़े नेताओं के बयानों का जिक्र भी किया है. पाकिस्‍तान ने जो झूठा पुलिंदा बनाया है, उसमें कहा गया है कि जम्‍मू-कश्‍मीर में भारत के दमन के खिलाफ आंदोलन चल रहा है.

पाकिस्‍तान का दावा है कि कश्‍मीर में हत्‍याएं, सर्च ऑपरेशन, यातनाएं आम बात हैं. उसका यह भी कहना है कि भारत सरकार, मीडिया, एनजीओ और अपने थिंक टैंक के इस्‍तेमाल से पाकिस्‍तान विरोधी भावनाओं को भड़का रहा है. उसका यह भी कहना है कि भारत-पाकिस्‍तान के द्विपक्षीय संबंधों की राह में कश्‍मीर मुद्दा सबसे बड़ा रोड़ा है. पाकिस्‍तान के पक्ष रखने के बाद आज शाम को ही भारत अपना जवाब देगा. भारत की तरफ से वरिष्‍ठ राजनयिक अजय बिसारिया भारत का पक्ष रखेंगे.

भारत करेगा पलटवार

पाकिस्तान के जवाब में भारत PoK में मानवाधिकार हनन का मुद्दा उठाएगा. भारत, पाकिस्तान के सिंध-बलूचिस्‍तान में सेना के दमन का मुद्दा भी उठाएगा. भारत PoK में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार को उजागर कर सकता है. बलूचिस्तान, गिलगित, खैबर पख्तूनख्वा में मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र संभव है. हिंदू, सिख पर हो रहे जुल्म का भी जिक्र किया जा सकता है.

जेनेवा में राजनयिक अजय बिसारिया के साथ एक प्रतिनिधिमंडल लगातार इस सिलसिले में सदस्य देशों से मुलाकात कर रहा है. यूरोप, अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका के देशों से बातचीत हो रही है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के कुल 47 सदस्य हैं.

दरअसल पाकिस्तान, कश्‍मीर मुद्दे पर बहस या प्रस्ताव के लिए कह सकता है. लेकिन भारत की दमदार कूटनीति के कारण अमेरिका, फ्रांस और रूस के समर्थन मिलने की संभावना बेहद कम है. चीन भी पाकिस्तान का पुरजोर समर्थन नहीं कर पाएगा. हांगकांग में मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में चीन खुद फंसा है. चीन खुद नहीं चाहेगा कि मामला वोटिंग तक पहुंचे.

कश्‍मीर की हकीकत

वैसे भारत ने UNHRC के सेशन से पहले दुनिया को कश्मीर की हक़ीक़त बताई. जम्‍मू-कश्‍मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के हालात दुनिया को बताया. जम्मू-कश्मीर में 100% टेलीफोन सर्विस बहाल हो चुकी है. ज़्यादातर इलाकों में मोबाइल सर्विस भी बहाल हो गया है. 10वीं तक सभी स्कूल खुले, परीक्षाओं की तैयारी जारी है. 92% इलाकों में आने-जाने पर कोई पाबंदी नहीं है. हज यात्रा जारी, 10 हज़ार से ज़्यादा यात्री जल्द लौटेंगे. 10,281 ट्रकों के जरिए 1.67 लाख मीट्रिक टन सेब की ढुलाई हुई. जम्मू-कश्मीर में बैंकिंग और एटीएम सेवा भी सामान्य है. दफ्तरों में कर्मचारी लगातार आ रहे हैं. सरकारी कामकाज में कोई दिक्कत नहीं है.

पाकिस्‍तान में हिंदू-सिख महफूज नहीं

कश्‍मीर (Kashmir) में मानवाधिकारों के उल्‍लंघन का आरोप लगाने वाले पाकिस्‍तान (Pakistan) में खुद अल्‍पसंख्‍यकों के अधिकारों का किस कदर हनन हो रहा है, इसका खुलासा खुद पाक प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के विधायक ने किया है. इमरान खान की पार्टी पीटीआई के पूर्व विधायक बलदेव कुमार ने पाकिस्‍तान में अल्‍पसंख्‍यकों पर हो रहे अत्‍याचारों के चलते भारत में शरण मांगी है. वह इस वक्‍त अपने परिवार के साथ पंजाब आए हुए हैं.

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