Xi Jinping से बातचीत के बाद बोले PM मोदी, मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे

मामल्लापुरम।पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी शिनफिंग के बीच यहां दो दिनों तक हुई दूसरी अनौपचारिक वार्ता में दोनो नेताओं के बीच यह सहमति बनी है कि वे रिश्चों में उपजने वाले छोटे मोटे तनावों को बड़ी समस्या का रूप नहीं लेने देंगे और ना ही इन तनावों से साझा भविष्य तलाशने की कोशिशों पर असर पड़ने देंगे।

पीएम मोदी और शिनफिंग के बीच शुक्रवार और शनिवार को कई चरणों में करीब साढ़े छह घंटे चली व्यक्तिगत वार्ता में आर्थिक और कारोबारी मुद्दों को लेकर काफी विमर्श हुआ और इनके समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय वार्ता का ढांचा बनाने की सहमति बनी। दोनों ने पिछले वर्ष वुहान में हुई इस तरह की पहली बैठक में सीमा पर अमन और शांति बहाली के लिए उठाए गए कदमों को और मजबूती से लागू करने की बात दोहराई। इस बारे में जल्द ही अतिरिक्त उपायों की घोषणा की जाएगी। इससे भी अहम बात यह है कि हर वर्ष अनौपचारिक तौर पर मिलकर रिश्तों को दिशा देने की यह कोशिश दोनों नेता आगे भी जारी रखेंगे।

बातचीत में नहीं उठा कश्‍मीर का मुद्दा

मोदी और शिनफिंग के बीच 1400 वर्ष पूर्व स्थापित इस ऐतिहासिक शहर में हुई वार्ता में लिए गए फैसले को ‘चेन्नई कनेक्ट’ के नाम से चिन्हित किया गया है। पिछली बैठक को वुहान स्प्रिट के नाम से जाना जाता है। विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि भारतीय पीएम और चीनी राष्ट्रपति के बीच दो दिनों के दौरान हुई बातचीत में कश्मीर का मुद्दा नहीं उठा।

सनद रहे कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के पांच दिन पहले ही चीन पहुंचने और वहां राष्ट्रपति शिनफिंग की तरफ से कश्मीर पर कुछ टिप्पणी करने के बाद इसका साया मामल्लापुरम पर भी पड़ने की बात कही जा रही थी। माना जा रहा है कि शिनिफंग की टिप्पणी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने जिस तरह से कड़ी टिप्पणी की थी, संभवतः उससे साफ हो गया था कि कश्मीर पर भारत हस्तक्षेप सहन करने के मूड में नहीं है। दूसरी बात यह है कि जिस तरह से भारतीय पक्ष ने राष्ट्रपति शिनफिंग और उनके साथ आये करीब १०० सदस्यीय दल का जिस तरह से स्वागत किया, उसका भी असर हो।

मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे

चीन के राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक स्तर वार्ता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, ‘पिछले दो हजार सालों के अधिकांश कालखंड में भारत और चीन दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियां रहे हैं और अब इस शताब्दी में हम फिर से साथ साथ उस स्थिति को हासिल कर रहे हैं। हमने तय किया है कि हम मतभेदों को समझदारी से समाधान करेंगे और उन्हें विवाद नहीं बनने देंगे। हम एक दूसरे की चिंताओं के बारे में संवेदनशील रहेंगे। आज के हमारे चेन्नई विजन से दोनों देशों के बीच सहयोग का नया दौर शुरू होगा।’ 

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